Christ shall have dominion, over land and sea

Christ shall have dominion, over land and sea,
Earth’s remotest regions shall His empire be;
They that wilds inhabit shall their worship bring,
Kings shall render tribute, nations serve our King.

Christ shall have dominion, over land and sea,
Earth’s remotest regions shall His empire be.
When the needy seek Him, He will mercy show;
Yea, the weak and helpless shall His pity know;
He will surely save them from oppression’s might,
For their lives are precious in His holy sight.

Ever and forever shall His Name endure;
Long as suns continue it shall stand secure;
And in Him forever all men shall be blest,
And all nations hail Him King of kings confessed.

Unto God Almighty joyful Zion sings;
He alone is glorious, doing wondrous things.
Evermore, ye people, bless His glorious Name,
His eternal glory through the earth proclaim.

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भूमि और समुद्र पर मसीह का अधिकार होगा,
पृथ्वी के दूरस्थ क्षेत्र होंगे उसका साम्राज्य;
वे जो जंगली निवास करते हैं उनकी पूजा लाएंगे,
राजा श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, राष्ट्र हमारे राजा की सेवा करेंगे।

भूमि और समुद्र पर मसीह का अधिकार होगा,
पृथ्वी के दूरस्थ क्षेत्र उसका साम्राज्य होगा।
जब दरिद्र उसे ढूंढ़ेंगे, तो वह दया दिखाएगा;
हां, कमजोर और लाचार उसकी दया को जानेंगे;
वह निश्चय उन्हें अन्धेर के पराक्रम से बचाएगा,
क्योंकि उनका जीवन उसकी पवित्र दृष्टि में अनमोल है।

उसका नाम सदा सर्वदा बना रहेगा;
जब तक सूर्य रहेगा वह सुरक्षित रहेगा;
और उस में सब मनुष्य सदा धन्य होंगे,
और सभी राष्ट्रों ने उसकी जय-जयकार की, राजाओं के राजा ने कबूल किया।

सर्वशक्‍तिमान सिय्योन परमेश्वर का जयजयकार करता है;
वह अकेला ही प्रतापी है, और आश्‍चर्यकर्म करता है।
हमेशा, तुम लोग, उसके महिमामयी नाम को धन्य कहो,
पृथ्वी के द्वारा उसकी अनन्त महिमा का प्रचार करो।

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